नई राह
बेटियों ने डफली बजाते हुए दी पिता को अंतिम विदाई, देहदान कर पूरी की पिता की अंतिम इच्छा
कानपुर। आईआईटी कानपुर से रिटायर कामरेड आर.के.तिवारी(83)की पांच बेटियों ने पिता को अनूठे अंदाज में अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार की बजाय पिता की इच्छा अनुसार उनका पार्थिव शरीर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज को सौंपा गया। बेटियों ने डफली बजाते हुए शव यात्रा निकाली और कंधा देकर मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। यह दृश्य देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
तिवारी का शुक्रवार शाम निधन हो गया था। उनकी इच्छा थी कि मृत्यु उपरांत संस्कार न हो,बल्कि देहदान किया जाए। बेटियों ने इसकी जानकारी दधीचि देहदान समिति के संस्थापक मनोज सेंगर को दी। सेंगर ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल संजय काला से संपर्क किया,जिसके बाद देहदान सेल ने प्रक्रिया शुरू की।
शनिवार सुबह9बजे अशोक नगर स्थित आवास से शव यात्रा निकली। बेटियां प्रियंका,पूनम,भावना,गीतांजलि और वसुधा ने पिता की अर्थी को कंधा दिया। डफली की थाप पर चलती यात्रा मेडिकल कॉलेज पहुंची,जहां पार्थिव शरीर दान किया गया।
कॉलेज परिसर में स्मृति सभा आयोजित हुई। बेटियों व नातिनों ने श्रद्धांजलि दी। एनाटॉमी विभाग के अनंत विजय ने शरीर को सम्मान पूर्वक स्वीकार किया। सभा में सभी ने दो मिनट का मौन रखा। दधीचि देहदान अभियान से अब तक303देहदान हो चुके हैं।
मेडिकल छात्र दान में मिले शवों को शिक्षक की तरह सम्मान देते हैं। इनके जरिए शरीर की वास्तविक संरचना,अंगों की स्थिति और कार्यप्रणाली की जानकारी मिलती है,जो चिकित्सा शिक्षा के लिए आवश्यक है।
खबर साभार-नवभारत टाइम्स,03 अगस्त, 2025

