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केंद्रीय टीम

दधीचि पर्व में गूंजा देहदान का संदेश: केंद्रीय मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया सबसे बड़ा दान

मानवता, सेवा और समर्पण की भारतीय परंपरा को नई ऊर्जा देने वाला 'महर्षि दधीचि देहोत्सर्ग पर्व' इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में गरिमामय वातावरण में एक मार्च,2026 को आयोजित किया गया। 'दधीचि देहदान समिति' द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने देहदान को समाज का सबसे बड़ा दान बताया। कार्यक्रम में इंदौर के सांसद श्री शंकर लालवानी, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. अरविंद गंगोरिया, पूर्व अधिष्ठाता डॉ. संजय दीक्षित तथा समिति के कोषाध्यक्ष श्री कमल खुराना सहित चिकित्सा, शिक्षा और समाज सेवा से जुड़ी अनेक हस्तियां उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि महर्षि दधीचि का त्याग भारतीय संस्कृति में लोक कल्याण की सर्वोच्च मिसाल है। उन्होंने कहा कि देहदान और अंगदान केवल चिकित्सा सहायता नहीं, बल्कि मानवता के प्रति अंतिम समर्पण है। उन्होंने आगे कहा कि दधीचि देहदान समिति द्वारा आयोजित इस आयोजन में शामिल होकर सेवा, समर्पण और मानवता के इस अनुपम अभियान का साक्षी बनने का अवसर मिला। महर्षि दधीचि के त्याग से प्रेरित यह अभियान समाज को देहदान-महादान का सशक्त संदेश देता है। उल्लेखनीय है कि श्री हर्ष मल्होत्रा का इस संस्था से पुराना जुड़ाव रहा है, वह समिति के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे हैं और लंबे समय से देहदान जागरूकता अभियान से सक्रिय रूप से जुड़े हैं।

इंदौर सहित पूरे मध्य प्रदेश में अंगदान और देहदान को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और इसका सकारात्मक असर अब दिखाई देने लगा है। राज्य सरकार ने अंगदान करने वाले परिवारों को राजकीय सम्मान और 'गार्ड ऑफ ऑनर' देने की व्यवस्था लागू की है। इस पहल ने समाज में अंगदान के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का भाव मजबूत किया है।

कार्यक्रम में चिकित्सकों ने देहदान के वैज्ञानिक और व्यावहारिक महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए मानव शरीर सबसे महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री होता है। देहदान से जहां मेडिकल छात्रों को सीखने का अवसर मिलता है, वहीं चिकित्सा अनुसंधान को भी नई दिशा मिलती है। विशेषज्ञों ने बताया कि अंगदान अनेक गंभीर मरीजों को नया जीवन देने का माध्यम बनता है और समाज में करुणा की संस्कृति को मजबूत करता है।

समिति द्वारा लगातार लोगों को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में कई लोगों ने देहदान और अंगदान का संकल्प भी लिया। आयोजकों ने कहा कि समाज में धीरे-धीरे यह समझ विकसित हो रही है कि मृत्यु के बाद भी मनुष्य किसी के जीवन का कारण बन सकता है। 'महर्षि दधीचि देहोत्सर्ग पर्व' केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह मानवता, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत संदेश बनकर सामने आया। कार्यक्रम ने यह भरोसा मजबूत किया कि सेवा और करुणा की भारतीय परंपरा आज भी समाज की चेतना में जीवित है।

अमरोहा में देहदान की अलख

उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक शहर अमरोहा इन दिनों अपनी ढोलक की थाप के साथ-साथ मानवता और सेवा की नई गूंज के कारण चर्चा में है। यह गूंज है अंगदान, नेत्रदान और देहदान जैसे महादान की। शहर के कुछ उत्साही और संवेदनशील युवाओं ने अब इस अभियान को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाना शुरू कर दिया है।

अमरोहा की धरती सेवा और सामाजिक सरोकारों के लिए पहले से पहचानी जाती रही है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं सर्वेश शर्मा और उनकी समर्पित टीम। यह टीम अब शहर में उम्मीद और मानवीय संवेदना का पर्याय बन चुकी है। सर्वेश शर्मा के नेतृत्व में अब तक ढाई सौ से अधिक नेत्रदान कराए जा चुके हैं, जिनसे अनेक लोगों की जिंदगी में नई रोशनी पहुंची है। इसके साथ ही जरूरतमंद मरीजों के लिए नियमित रक्तदान करना भी इस टीम की पहचान बन चुका है।

अंगदान की नई पहल
नेत्रदान और रक्तदान के बाद अब अमरोहा में अंगदान और देहदान को लेकर भी गंभीर पहल शुरू हो गई है। इसी उद्देश्य से 6 मार्च को "दधीचि देहदान समिति" के उपाध्यक्ष सुधीर गुप्ता अमरोहा पहुंचे। यहां उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं के साथ बैठक कर भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा की।

सर्वेश शर्मा की टीम और सुधीर गुप्ता के बीच हुई इस बातचीत को अमरोहा में अंगदान जागरूकता अभियान की मजबूत शुरुआत माना जा रहा है। स्थानीय उत्साह और संस्था के अनुभव के मेल ने इस अभियान को नई दिशा दी है।

प्रेरणा सभा में जागरूकता
इस अभियान को सामाजिक विस्तार मिला स्वर्गीय श्रीमती कांता अरोड़ा की स्मृति में आयोजित प्रेरणा सभा के दौरान। यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज को जागरूक करने का मंच बन गया।

सभा में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सुधीर गुप्ता ने अंगदान और देहदान के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देहदान और अंगदान केवल चिकित्सा से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है।

उन्होंने कहा, "जब शरीर अंततः पंचतत्व में विलीन होना ही है, तब यदि वही शरीर किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सके या चिकित्सा शिक्षा में काम आ सके, तो इससे बड़ा पुण्य और क्या हो सकता है।"

सभा के दौरान लोगों ने अंगदान और देहदान से जुड़े धार्मिक, सामाजिक और भावनात्मक सवाल भी पूछे। सुधीर गुप्ता ने इन सभी शंकाओं का सहज और तार्किक ढंग से समाधान किया।

एक नई उम्मीद
अमरोहा के युवाओं की यह पहल बताती है कि छोटे शहरों में भी बड़े सामाजिक बदलाव की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। ढाई सौ से अधिक नेत्रदान इस बात का प्रमाण हैं कि यहां सेवा की भावना पहले से मजबूत रही है। अब यही भावना अंगदान और देहदान जैसे अभियान को नई ऊंचाई देने की ओर बढ़ रही है।

6 मार्च को बोया गया यह जागरूकता का बीज आने वाले समय में एक बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप ले सकता है। उम्मीद की जा रही है कि अमरोहा आने वाले वर्षों में अंगदान और देहदान जागरूकता का एक प्रेरक मॉडल बनकर उभरेगा।

मातृ संस्कार समागम में समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती मंजू प्रभा सम्मानित

नई दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर, दिल्ली में 'विश्वमांगल्य सभा' द्वारा दो दिवसीय 'मातृ संस्कार समागम' कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसका समापन रविवार, 29 मार्च 2026 को हुआ। इस गरिमामयी समागम के प्रथम दिन दधीचि देहदान समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती मंजू प्रभा जी को उनके उत्कृष्ट सामाजिक योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री भैयाजी जोशी जी का पावन मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस अवसर पर समिति के संरक्षक एवं केंद्रीय मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा की गरिमामयी उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।

इस दो दिवसीय भव्य आयोजन के दौरान समाज को मानवता का संदेश देने के उद्देश्य से दधीचि देहदान समिति के उत्तरी विभाग द्वारा दोनों दिन एक विशेष जागरूकता स्टाल लगाया गया। स्टॉल के माध्यम से समागम में भाग लेने आई मातृशक्ति और अन्य आगंतुकों को अंगदान व देहदान के पुनीत विषय पर विस्तार से जानकारी दी गई और समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने वाले ब्रोशर्स (जागरूकता पत्रक) वितरित किए गए। इस पूरे अभियान को सफल बनाने और लोगों को प्रेरित करने के लिए उत्तर-पूर्वी विभाग के संयोजक श्री अशोक बंसल, श्री अमित गर्ग, श्री नितिन बिंदल , श्री बालकृष्ण आनंद, श्रीमती सुनीता चड्ढा और श्री सुनील गंधर्व पूरे समय कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

पूर्वी दिल्ली

विवेक विहार श्रीराम कथा में देहदान जागरूकता की पहल

दिनांक 7 मार्च 2026 को पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार स्थित डीडीए ग्राउंड में परम पूज्य श्री विजय कौशल जी महाराज के मुखारविंद से संगीतमय श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। 15 मार्च तक चले इस नौ दिवसीय कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। इस पावन अवसर पर समाज को एक बड़ा मानवीय संदेश देने के उद्देश्य से दधीचि देहदान समिति के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की ओर से कथा स्थल पर एक विशेष जागरूकता स्टाल लगाया गया।

इस स्टाल के माध्यम से कथा में आने वाले श्रद्धालुओं को अंगदान एवं देहदान जैसे पुनीत और संवेदनशील विषय पर विस्तार से जानकारी दी गई ताकि समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर किया जा सके। इस दौरान लोगों को जागरूक करने वाले पत्रक भी वितरित किए गए, जिससे प्रेरित होकर दो श्रद्धालुओं ने अंगदान-देहदान का संकल्प लेने के लिए समिति से फॉर्म भी प्राप्त किए।

जागरूकता अभियान को सफल बनाने के लिए समिति के महामंत्री श्री विशाल चड्ढा, उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के संयोजक श्री अशोक कुमार बंसल, श्री अमित गर्ग, श्री विश्वास कुमार शुक्ल, श्री दीपक सहगल, श्री अभिषेक जैन, श्रीमती अविता जी और श्रीमती कनक सहगल विशेष रूप से उपस्थित रहे। समिति के इन सभी सदस्यों ने मिलकर कथा प्रेमियों को इस सर्वोच्च सेवा और परोपकार के कार्य से जुड़ने का आह्वान किया।

उत्तरी दिल्ली

होली मिलन में अंगदान व देहदान जागरूकता की अनूठी पहल

दिनांक 05 मार्च 2026, दिन वीरवार को सांयकाल शाह ऑडिटोरियम, सिविल लाइंस, दिल्ली में धर्म यात्रा आयाम, विश्व हिन्दू परिषद, इन्द्रप्रस्थ प्रांत (दिल्ली) द्वारा होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभी कांवड़ समितियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय श्री आलोक कुमार की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ाया।

इस भव्य आयोजन में दधीचि देहदान समिति के उत्तरी क्षेत्र द्वारा अंगदान एवं देहदान जागरूकता हेतु एक विशेष स्टॉल लगाया गया। स्टॉल पर आने वाले श्रद्धालुओं और प्रबुद्ध जनों को अंगदान, नेत्रदान एवं देहदान के महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही, समाज में इस पुनीत कार्य के प्रति अलख जगाने के उद्देश्य से जागरूकता ब्रोशर भी वितरित किए गए।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस जनहित अभियान में गहरी रुचि दिखाई और समिति के इस मानवीय प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना की। इस सेवा कार्य में समिति की ओर से श्री महेन्द्र चौधरी, श्री सुधीर कालरा, श्री वीरेन्द्र गुप्ता एवं श्रीमती सुधा सोनी उपस्थित रहे। उत्तरी विभाग के संयोजक श्री जी.पी. तायल के कुशल नेतृत्व एवं समस्त उपस्थित टीम के आत्मीय सहयोग हेतु साधुवाद एवं आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर दक्षिण विभाग से श्री सुनील गन्धर्व की उपस्थिति भी रही।

Donation Awareness Drive Held

A prayer meeting in memory of Sh. Sandeep Trikha, a registered donor, was held on 7th March 2026 at 2:00 p.m. at Sanatan Dharm Mandir, Bharat Nagar, Ashok Vihar. On this solemn occasion, heartfelt tributes were paid to the departed soul, and deepest condolences were expressed to the bereaved family.

Unfortunately, due to medical or technical constraints, his eyes could not be donated.

During the gathering, the audience was sensitized and motivated towards the noble cause of organ and body donation. The speakers explained how organ donation plays a vital role in saving and improving lives. The initiative received a positive response, and a few pledge forms were filled and received on the spot from interested participants. To further educate the attendees, awareness literature and informative brochures were also distributed.

On behalf of Dadhichi Deh Dan Samiti, Smt. Sudha Soni and Sh. Sudheer Kalra participated in the program, contributing significantly towards spreading awareness and addressing the queries of the attendees.

Blood Donation Camp Complemented by Organ Donation Awareness Drive

On 7th March 2026, a Blood Donation Camp was organized in M2K Society. Along with this noble initiative, a dedicated team from Dadhichi Deh Dan Samiti participated to spread awareness about Eye, Skin, Organ, and Body Donation among the residents.

During the program, the gathering was motivated towards the noble cause of donation and informed about how these selfless acts can save and transform multiple lives. The audience was beautifully encouraged to pledge for eye and body donation, with the reassuring message of doing so after living a healthy, happy, and long life of more than 100 years. The speakers also emphasized the vital importance of discussing such noble decisions with family members beforehand.

The response from the residents of M2K Society was highly encouraging. A total of 8 pledge forms were filled on the spot, while several other participants took the forms home to discuss the matter with their families before taking the final step.

Heartfelt thanks and appreciation are extended to Smt. Renu Badlani and Sh. Rajesh Sharma for their valuable participation and support in making this awareness initiative deeply meaningful and successful.

श्रद्धांजलि सभा में जागरूकता अभियान

दिनांक 11 मार्च 2026 को अपराह्न 3:00 बजे सांवरिया टेंट हाउस में स्वर्गीय श्रीमती उषा रानी मित्तल की भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने दिवंगत आत्मा को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।

यद्यपि किन्हीं अपरिहार्य तकनीकी या चिकित्सीय कारणोंवश स्वर्गीय श्रीमती उषा रानी मित्तल के नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न नहीं हो सकी, तथापि उनके परिवारजनों ने एक अनुकरणीय मिसाल पेश की। परिवार के विशेष आग्रह पर सभा स्थल पर नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से दधीचि देहदान समिति द्वारा एक विशेष जागरूकता स्टॉल लगाया गया।

इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने उपस्थित जनसमूह को नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के सामाजिक व मानवीय महत्व से विस्तार से अवगत कराया तथा उन्हें इस महादान के लिए प्रेरित किया। दधीचि देहदान समिति की ओर से श्रीमती पद्मा बत्रा, श्रीमती सरोज पुरी, श्री पी.एस. अरोड़ा एवं श्री ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति रही।

सभी सहयोगियों ने श्रद्धांजलि सभा में आए प्रबुद्ध जनों को मानव सेवा के इस महान कार्य से जुड़ने का संदेश दिया तथा समाज में अंगदान एवं देहदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का आह्वान किया। दुःख की इस घड़ी में भी समाज कल्याण की सोच रखने के लिए समिति द्वारा पीड़ित परिवार का आभार व्यक्त किया गया।

एनएसएस शिविर में अंगदान व देहदान जागरूकता संगोष्ठी

दिनांक 11 मार्च 2026 को गांव ठुरू, जिला सोनीपत में जीवीएम कॉलेज की एनएसएस (NSS) इकाई द्वारा आयोजित विशेष शिविर के दूसरे दिन विविध जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती रुचिका विरमानी के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों और छात्राओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ना था।

शिविर के प्रथम सत्र में एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें दधीचि देहदान समिति, नई दिल्ली के नॉर्थ ज़ोन संयोजक श्री जी.पी. तायल ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने उपस्थित छात्राओं एवं ग्रामीणों को अंगदान, नेत्रदान तथा देहदान के महत्व, समाज में इसकी आवश्यकता एवं इसकी पूरी वैधानिक व चिकित्सीय प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। श्री तायल ने ग्रामीणों और छात्राओं से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनके मन में उठने वाली जिज्ञासाओं एवं शंकाओं का तार्किक समाधान किया। उनके इस प्रेरक उद्बोधन से प्रभावित होकर अनेक लोगों ने अंग-देहदान के प्रति सकारात्मक रुचि दिखाई और भविष्य में संकल्प लेने की इच्छा व्यक्त की। इस अवसर पर समिति के वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री प्रद्युम्न जैन का भी विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

संगोष्ठी के उपरांत, कॉलेज की स्वयंसेविकाओं एवं दधीचि देहदान समिति की टीम द्वारा पूरे गांव में एक भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। हाथों में प्रेरक संदेशों वाली तख्तियाँ और पोस्टर थामे यह स्लोगन रैली गांव की प्रमुख गलियों से होकर गुजरी। रैली के दौरान छात्राओं ने ग्रामीणों को इन महादानों के मानवीय पक्ष से अवगत कराया तथा राह चलते लोगों के प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर देकर उन्हें मानव सेवा के इस महान अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। यह संयुक्त प्रयास ग्रामीण अंचल में एक नई वैचारिक चेतना जगाने में बेहद सफल रहा।

इसके अतिरिक्त स्वयंसेविकाओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से डिजिटल फ्रॉड एवं नशा-मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर प्रभावी जन-जागरूकता अभियान चलाया। सभी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लिया और अंगदान, नेत्रदान तथा देहदान के संदेशों को रचनात्मक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

GVM Girls College Principal Assures Active Support to Samiti's Mission

On 11th March 2026, an informal meeting over tea was held with Prof. Manjula Spah, Principal of GVM Girls College, Sonipat. The meeting was attended by Sh. G.P. Tayal, Convener (North Zone), and Sh. Parduman Jain on behalf of Dadhichi Dehdan Samiti.

During the discussion, the representatives explained the critical importance of organ, eye, and body donation in detail, along with the standard procedures involved in pledging for these noble causes. Prof. Manjula Spah showed a keen interest in the mission and highly appreciated the humanitarian and self-less work being carried out by the Samiti.

Demonstrating her commitment to the cause, Prof. Manjula Spah assured her active support and expressed a strong willingness to organize a dedicated awareness programme for the students and faculty members of GVM Girls College to promote the noble cause within the institution.

As a step forward, a comprehensive set of Dadhichi Dehdan Samiti brochures and pledge forms was presented to her for further dissemination and motivation among the college community.

अपना घर आश्रम के रजत वर्ष उत्सव में पहुंचीं मुख्यमंत्री,समिति के कार्यों को सराहा

दिनांक 15 मार्च 2026, रविवार को प्रातः 10:30 बजे अपना घर आश्रम, बुढ़पुर, दिल्ली का 12वाँ वार्षिकोत्सव एवं संस्था का रजत वर्ष उत्सव अत्यंत भव्य एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता थीं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री श्याम जाजू, दिल्ली सरकार के मंत्री श्री रविंद्र इंदराज, सांसद श्री योगेन्द्र चंदोलिया, विधायक श्री कुलवंत राणा तथा विधायक श्री राज करण खत्री उपस्थित रहे। संस्था के संस्थापक डॉ. बी.एम. भारद्वाज की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और बढ़ाया। इस भव्य समारोह में दधीचि देहदान समिति की ओर से उत्तरी क्षेत्र के प्रतिनिधि श्री विनोद अग्रवाल एवं श्री जी.पी. तायल को सहभागिता करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

अपने संबोधन में माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने आश्वासन दिया कि मानव सेवा एवं परोपकार के कार्यों में दिल्ली सरकार का पूर्ण सहयोग सदैव उपलब्ध रहेगा। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि दधीचि देहदान समिति के सहयोग से संचालित नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान जैसे महत्त्वपूर्ण जनसेवा कार्यों में सरकार की तरफ से किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक अत्यंत प्रेरक जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने स्वयं भी देहदान का संकल्प लिया हुआ है।

कार्यक्रम के दौरान माननीय मुख्यमंत्री ने अपना घर महिला आश्रम, बुढ़पुर का विस्तृत भ्रमण किया तथा वहाँ निवास कर रही निराश्रित महिलाओं एवं वरिष्ठजनों से बेहद आत्मीय संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने संस्था द्वारा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े असहाय और जरूरतमंद लोगों की निस्वार्थ सेवा के लिए किए जा रहे पुनीत कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की और इसे समूचे समाज के लिए एक महान प्रेरणास्रोत बताया।

इस ऐतिहासिक रजत जयंती समारोह में दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में प्रबुद्ध गणमान्य नागरिक, विख्यात समाजसेवी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

महादानी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा, परिवार को 'विशेष दधीचि सम्मान'

दिनांक 05 मार्च 2026 को स्वर्गीय श्री सीताराम गोयल के नेत्र, त्वचा एवं देहदान का महान कार्य संपन्न हुआ था। उनके इस परमार्थिक निर्णय और पावन स्मृति में एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन दिनांक 15 मार्च 2026, रविवार को अपराह्न 3:00 बजे अग्रवाल विकास परिषद, पॉकेट डी-14, सेक्टर-3, रोहिणी में किया गया।

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके प्रेरणादायी जीवन एवं महादान को नमन किया। दधीचि देहदान समिति की ओर से श्री जी.पी. तायल ने वहाँ मौजूद लगभग 250 प्रबुद्ध जनों की गरिमामयी उपस्थिति में दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने संबोधन में उन्होंने नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मानवता की सर्वोच्च सेवा है, जो मृत्यु के पश्चात भी अनेक लोगों के जीवन में आशा, स्वास्थ्य और नए प्रकाश का संचार करती है। श्री तायल के इस विचारोत्तेजक और प्रेरणादायी उद्बोधन से प्रभावित होकर समाज कल्याण की भावना से ओतप्रोत 10 व्यक्तियों ने मौके पर ही नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के संकल्प-पत्र भरकर इस पुनीत अभियान से जुड़ने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।

इस महान और अनुकरणीय मानवीय योगदान के लिए दाता परिवार को समाज एवं मानवता की निस्वार्थ सेवा के प्रति उनके अद्वितीय समर्पण हेतु दधीचि देहदान समिति की ओर से “विशेष दधीचि सम्मान” प्रदान कर सम्मानित किया गया।इस शोक और संकल्प की घड़ी में समिति की ओर से श्री प्रद्युम्न जैन, श्री भुवनेश जुल्का, श्री पी.एस. अरोड़ा एवं श्री जी.पी. तायल उपस्थित रहे। सभी ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए समाज में इस महान संदेश को प्रसारित करने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

Maharaja Agrasen Hospital Launches Bi-Weekly Organ Donation Awareness Camps

On 17th March 2026, as part of a structured initiative to conduct regular awareness programs on Eye, Skin, Organ, and Body Donation, a plan was institutionalized to organize awareness camps every Tuesday and Friday from 9:00 a.m. to 11:00 a.m. at Maharaja Agrasen Hospital.

The inaugural awareness camp under this significant initiative was organized in close coordination with Dr. Shalini Sinha, Coordinator for Organ Transplant at Maharaja Agrasen Hospital. Dadhichi Deh Dan Samiti was proactively represented by Sh. G.P. Tayal, Convener (North Zone), along with Smt. Padma Batra and Smt. Saroj Puri.

The primary objective of this ongoing awareness drive is to educate visitors and patients about the profound significance of these noble, life-saving donations. By fostering a positive attitude in society towards eye, skin, organ, and body donation, the camp highlights how these selfless acts can save lives, support advanced medical education, and aid research. Through this collaborative effort, participants are being encouraged to understand and embrace the true spirit of giving that extends even beyond life.

गायत्री परिवार के महिला सशक्तिकरण समारोह में समिति ने भरे अंग-देहदान जागरूकता के रंग

दिनांक 17 मार्च 2026, मंगलवार को दोपहर 2:00 बजे से शाह ऑडिटोरियम, सिविल लाइंस, दिल्ली-54 में अखिल विश्व गायत्री परिवार, नई जागृति अभियान (शांतिकुंज हरिद्वार) एवं दिल्ली-एनसीआर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य महिला सशक्तिकरण समारोह का आयोजन किया गया।

इस विशेष अवसर पर नारी शक्ति को नमन करने के साथ-साथ जनमानस में अंगदान, नेत्रदान एवं देहदान के प्रति सकारात्मक चेतना जगाने का भी अनूठा प्रयास किया गया। इसके लिए दधीचि देहदान समिति को समारोह में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में उपस्थित विशाल जनसमूह को समिति के प्रतिनिधियों ने इन महादानों के सामाजिक व मानवीय महत्व से अवगत कराया। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे यह पुनीत कार्य चिकित्सा जगत और पीड़ित मानवता की सेवा में एक अमूल्य योगदान सिद्ध होता है।इस वैचारिक अभियान को आगे बढ़ाने में दधीचि देहदान समिति की ओर से श्री महेंद्र चौधरी, श्री सुधीर कालरा एवं श्रीमती शशि गुप्ता ने अत्यंत सक्रिय भूमिका निभाई। समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम में आए श्रद्धालुओं और प्रबुद्ध जनों के मन में उठने वाली जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें जीवन के बाद भी परोपकार के इस मार्ग को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उपस्थित जनसमूह और आयोजकों द्वारा समिति के इन निस्वार्थ प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की गई। समग्र रूप से, गायत्री परिवार का यह नारी सशक्तिकरण मंच समाज कल्याण और मानव सेवा के एक बड़े संदेश को प्रसारित करने में पूरी तरह सफल रहा।

Dadhichi Dehdan Samiti North Zone Outlines Vision for Youth Recruitment, Lauds Vardan Film Festival

The Monthly Meeting of Dadhichi Dehdan Samiti, North Zone was held on Saturday, 21st March 2026, from 04:30 PM to 05:30 PM at the North Zone Karyalay, Sector-7, Rohini. Members gathered to review ongoing activities and discuss strategic plans for strengthening the future initiatives of the organization.

The meeting commenced with a detailed review of the awareness drives conducted during the previous month. Members shared their field experiences and discussed the positive outcomes of various programs organized to promote eye, organ, and body donation.

A special note of appreciation was expressed for the successful organization of the Vardan International Film Festival, which was hailed as a remarkable and memorable milestone. Members conveyed their immense happiness over the grand success of the festival, applauding the collective efforts of everyone associated with the event. This achievement has created a highly motivating atmosphere among the volunteers, inspiring them to work with renewed enthusiasm.

During the core discussion, it was unanimously agreed that all members should actively involve themselves in upcoming activities. The house emphasized the vital importance of teamwork and collective responsibility to achieve the core mission of the Samiti.

An important focus area raised during the meeting was the urgent need to induct new volunteers into the organization. Members noted that expanding awareness campaigns requires more dedicated individuals to sustain the momentum. Consequently, it was decided that special attention would be given during the coming month toward motivating and recruiting new volunteers, with a specific focus on involving youth and socially committed individuals in these awareness initiatives.

The meeting concluded on a positive note, followed by refreshments served to all participants. The gathering ended with the serene recitation of the Kalyan Mantra - “Sarve Bhavantu Sukhinah”, praying for the happiness, peace, and well-being of all humanity.

हाउसिंग सोसायटी की वार्षिक सभा में समिति ने जगाई देहदान की अलख

रविवार, दिनांक 22 मार्च 2026 को प्रातः 10:00 बजे 'दी रजनीगंधा कॉ-ऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटी लिमिटेड' की वार्षिक साधारण सभा एवं विशेष सभा का आयोजन किया गया। यह आयोजन आर्य समाज मंदिर, गुरु हरकिशन मार्ग (रेलवे क्वार्टर के सामने), रानी बाग, शकूर बस्ती, दिल्ली में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर जनमानस में अंगदान, नेत्रदान एवं देहदान के प्रति जन-जागरूकता फैलाने हेतु दधीचि देहदान समिति को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। समिति के प्रतिनिधियों ने सभा में उपस्थित सभी प्रबुद्ध जनों को अंगदान, नेत्रदान एवं देहदान के महत्व, उनकी वैधानिक व चिकित्सीय प्रक्रिया तथा मानव जीवन में इनके अमूल्य योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करते हुए बताया गया कि मृत्यु के पश्चात भी व्यक्ति अपने अंगों, नेत्रों एवं शरीर के माध्यम से अनेक जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई आशा, स्वास्थ्य और प्रकाश ला सकता है। इसके साथ ही, देहदान से चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान संभव होता है, जिससे भावी डॉक्टरों को शोध में मदद मिलती है।

सभा में उपस्थित सोसायटी के सभी सदस्यों एवं गणमान्य महानुभावों ने समिति द्वारा निःस्वार्थ भाव से किए जा रहे इस पुनीत कार्य की मुक्त कंठ से सराहना की। अनेक लोगों ने इस पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा के लिए इससे अधिक श्रेष्ठ, सुंदर एवं कल्याणकारी कार्य दूसरा नहीं हो सकता।

इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में दधीचि देहदान समिति की ओर से श्रीमती पदमा बत्रा, श्री पी.एस. अरोड़ा एवं श्री विशाल कालरा का विशेष सहयोग एवं सराहनीय सहभागिता रही। उपस्थित जनों द्वारा समिति के इन कर्मठ कार्यकर्ताओं के सेवाभावी प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई।

लेफ्टिनेंट किरण शेखावत के बलिदान दिवस पर उमड़ी राष्ट्रभक्ति, दधीचि देहदान समिति ने दी श्रद्धांजलि

रविवार, दिनांक 22 मार्च 2026 को लेफ्टिनेंट किरण शेखावत फाउंडेशन द्वारा देश की अमर शहीद लेफ्टिनेंट किरण शेखावत की पुण्य स्मृति में 11वें बलिदान दिवस का आयोजन किया गया। वरुणिका सभागार में आयोजित यह कार्यक्रम गर्व, राष्ट्रभक्ति, श्रद्धा और भावनाओं से ओतप्रोत रहा। इस पावन अवसर पर दधीचि देहदान समिति के उपाध्यक्ष श्री विनोद अग्रवाल ने उपस्थित होकर देश के वीरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

इस गरिमामय आयोजन में देश की कई जानी-मानी सैन्य और सामाजिक विभूतियाँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान 'वॉर विडोज एसोसिएशन'की अध्यक्षा श्रीमती दमयंती तांबे, कर्नल आशुतोष एवं कोमोडोर सुरेंद्र गोचके सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों से आत्मीय भेंट एवं प्रेरणादायी संवाद हुआ। इन सभी विशिष्ट जनों ने दधीचि देहदान समिति द्वारा समाज में चलाई जा रही मानवीय मुहिम की सराहना की और भविष्य में समिति के कार्यक्रमों से सक्रिय रूप से जुड़ने की इच्छा व्यक्त की।

कार्यक्रम का शुभारंभ लेफ्टिनेंट किरण शेखावत के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ, जो वहाँ उपस्थित हर आँख को नम और गौरवान्वित कर देने वाला क्षण था। इसके उपरांत मंचीय कार्यक्रम देशभक्ति, समर्पण और प्रेरणा के विविध रंगों से सुसज्जित रहा। यद्यपि मुख्य मंचीय कार्यक्रम की अवधि लगभग साढ़े तीन घंटे की रही, फिर भी उसकी प्रस्तुति इतनी जीवंत, संवेदनशील, अनुशासित और सुव्यवस्थित थी कि समय बीतने का आभास ही नहीं हुआ। यह आयोजन राष्ट्र सेवा और सामाजिक सरोकारों को एक सूत्र में पिरोने वाला एक अमूल्य माध्यम सिद्ध हुआ।

फितूर नाट्य मंच द्वारा प्रस्तुत “सरफरोश” लघु नाटिका ने दर्शकों के हृदय को गहराई तक स्पर्श किया, वहीं Cankid के नुक्कड़ नाटक ने अंगदान और राष्ट्रसेवा के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया।

श्री विनोद अग्रवाल ने देहदान, अंगदान एवं नेत्रदान जैसे मानवीय और जीवनदायी विषयों पर अपने विचार व्यक्त कर, उपस्थित को समिति के कार्यक्रमों से अवगत कराया और इस अभियान से जुड़ने के लिए आग्रह भी किया l

फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री विजेंद्र शेखावत जी ने दधीचि देहदान समिति का सम्मान करते हुए सहयोग राशि स्वरूप एक चेक भेंट किया, जो निस्वार्थ सेवा और मानवता के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी प्रतीक था l

श्रीमती दमयंती तांबे एवं कर्नल आशुतोष ने अपने स्तर पर भी अंगदान एवं नेत्रदान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर एक गोष्ठी आयोजित करने का सुझाव दिया, जो इस पुनीत उद्देश्य को और व्यापक बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है।

समिति के जागरूकता शिविर में आठ लोगों ने लिया महादान का संकल्प

दिनांक 31 मार्च 2026, मंगलवार को दधीचि देहदान समिति द्वारा महाराजा अग्रसेन अस्पताल, पंजाबी बाग में प्रातः 9:00 बजे से 11:30 बजे तक एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जनमानस को नेत्रदान, त्वचादान, अंगदान एवं देहदान के सामाजिक व मानवीय महत्व के प्रति शिक्षित करना और समाज में इसके प्रति सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करना था।

शिविर के दौरान अस्पताल में आए मरीजों, उनके परिजनों एवं अन्य आगंतुकों ने बड़ी रुचि दिखाई और इन जीवनदायी विषयों पर समिति के सदस्यों से उत्साहपूर्वक जानकारी प्राप्त की। कार्यकर्ताओं ने लोगों को समझाया कि कैसे मृत्यु के पश्चात भी हमारा शरीर और अंग किसी की अंधेरी जिंदगी में उजाला ला सकते हैं और चिकित्सा विज्ञान के शोध में काम आ सकते हैं।

जागरूकता के इस सार्थक प्रयास का बेहद सकारात्मक परिणाम देखने को मिला, जहां 8 जागरूक व्यक्तियों ने आगे बढ़कर मौके पर ही संकल्प पत्र भरे और इस पुनीत अभियान के प्रति अपनी सहमति व्यक्त की।

इस अवसर पर शिविर में आए लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने वाली प्रचार-प्रसार सामग्री और ज्ञानवर्धक ब्रोशर भी वितरित किए गए, ताकि यह संदेश अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंच सके। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम अस्पताल जैसे सार्वजनिक और संवेदनशील स्थानों पर विशेष रूप से प्रभावी और लाभकारी सिद्ध होते हैं, क्योंकि यहाँ समाज के विभिन्न वर्गों के लोग प्रतिदिन आते हैं और उन्हें सीधे प्रामाणिक जानकारी देने का अवसर मिलता है।

इस पूरे अभियान को सुचारू रूप से संचालित करने और सफल बनाने में दधीचि देहदान समिति की ओर से श्री प्रद्युम्न जैन तथा श्री एम.एस.एस. ठाकुर की सक्रिय भागीदारी और सराहनीय सहयोग रहा।

स्वास्थ्य शिविर में देहदान की अलख

दिनांक 31 मार्च, मंगलवार को देवा राम पार्क, त्रि नगर में श्री दिगंबर जैन पंचायत द्वारा भगवान महावीर के जन्म कल्याणक दिवस के शुभ अवसर पर एक विशाल नेत्र जांच एवं मुफ्त हेल्थ चेकअप शिविर का आयोजन किया गया। इस पावन और ऐतिहासिक अवसर पर जनमानस में नेत्रदान, अंगदान व देहदान के प्रति जन-जागरण के उद्देश्य से दधीचि देहदान समिति को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया।

शिविर में अपनी सेहत की जांच कराने आए सैकड़ों स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को समिति के पदाधिकारियों द्वारा मृत्यु के पश्चात अंगदान और देहदान के सामाजिक व वैज्ञानिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान लोगों को बताया गया कि भगवान महावीर का 'जियो और जीने दो' का संदेश ही इन महादानों का मूल आधार है।

इस जागरूकता अभियान में उस समय बेहद प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला जब समिति की सबसे छोटी प्रतिनिधि, नन्हीं आध्या जैन ने वहां उपस्थित लोगों को अपने हाथों से प्रचार-प्रसार सामग्री और ज्ञानवर्धक ब्रोशर वितरित किए। आध्या के इस सेवाभाव और उत्साह को देखकर शिविर में आए सभी प्रबुद्ध जनों ने उसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस पुनीत जन-जागरण अभियान को सफल बनाने में दधीचि देहदान समिति की ओर से श्री राजीव गोयल, श्री सुधीर कालरा, श्री जितेन्द्र शर्मा व श्री राजेश जैन उपस्थित रहे। समिति के इन कर्मठ सहयोगियों ने लोगों की शंकाओं का समाधान करते हुए उन्हें मानव सेवा के इस महान संकल्प से जुड़ने की प्रेरणा दी। ज्ञान और सेवा के इस संगम के साथ यह शिविर समाज के लिए अत्यंत लाभकारी और सफल सिद्ध हुआ।

सुंदरकांड पाठ के साथ अंग-देहदान जागरूकता शिविर का आयोजन

दिनांक 04 अप्रैल 2026 को प्रातः 9:30 बजे, श्री ऐकाश के जन्मदिवस के पावन उपलक्ष्य में उनके परिवार द्वारा अपना घर आश्रम, बूढ़पुर (महिला सदन) में एक भक्तिमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध भजन गायक श्री अजय भाई द्वारा सुमधुर सुंदरकांड पाठ की प्रस्तुति दी गई, जिससे संपूर्ण परिसर का वातावरण आध्यात्मिक और आनंदमय हो गया।

इस पुनीत अवसर का लाभ उठाते हुए, जनमानस में अंगदान, नेत्रदान, त्वचादान एवं देहदान के प्रति सकारात्मक चेतना जगाने के उद्देश्य से दधीचि देहदान समिति द्वारा एक विशेष जागरूकता शिविर लगाया गया। शिविर में उपस्थित श्रद्धालुओं, सेवादारों एवं अतिथियों को इन महादानों के सामाजिक, वैधानिक और चिकित्सीय महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। समिति के प्रतिनिधियों ने लोगों को बताया कि भक्ति के साथ-साथ पीड़ित मानवता की सेवा के लिए मृत्यु के पश्चात अंग-देहदान का संकल्प लेना समाज के लिए सबसे बड़ा परोपकार है।

इस मानवीय अभियान को सुचारू रूप से चलाने और समाज तक सही संदेश पहुंचाने में दधीचि देहदान समिति की ओर से श्री एन.आर. जैन, श्री एम.एस. ठाकुर एवं श्री जी.पी. तायल ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। समिति के इन कर्मठ सहयोगियों ने वहाँ उपस्थित जिज्ञासुओं की शंकाओं का समाधान किया और उन्हें इस पुनीत कार्य से जुड़ने की प्रेरणा दी, जिसे उपस्थित जनसमूह द्वारा बेहद सराहा गया।

कवि सम्मेलन में गूंजा महादान का संदेश

दिनांक 05 अप्रैल 2026 (रविवार) को हनुमान जयंती एवं महावीर जयंती के पावन उपलक्ष्य में "महावीर से महावीर तक – कवि सम्मेलन, चेतना सुरभि सनातन की" का भव्य आयोजन वात्सल्य सेवा सदन, सेक्टर-7, रोहिणी में किया गया। इस साहित्यिक एवं आध्यात्मिक समागम का सफल आयोजन अंतरराष्ट्रीय कवि एवं 'चेतना' संस्था के अध्यक्ष श्री राजेश चेतन के ओजस्वी नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में "एक प्यार का नगमा है, जिंदगी और कुछ भी नहीं..." जैसे कालजयी गीतों के रचनाकार और विख्यात गीतकार श्री संतोष आनंद उपस्थित रहे, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।

इस भव्य सांस्कृतिक मंच का उपयोग समाज कल्याण के लिए करते हुए, दधीचि देहदान समिति द्वारा एक विशेष अंगदान, नेत्रदान, त्वचादान एवं देहदान जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर से जुटे सैकड़ों साहित्य प्रेमियों, प्रबुद्ध जनों एवं श्रद्धालुओं को इन महादानों के मानवीय व वैज्ञानिक महत्व तथा मानव जीवन में उनकी उपयोगिता के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करते हुए बताया गया कि शब्दों की सेवा की तरह ही मृत्यु के पश्चात देहदान करना भी समाज के प्रति एक सर्वोच्च समर्पण है।

ॉइस पुनीत राष्ट्र-सेवा अभियान को सफल बनाने और जन-जन तक चेतना पहुँचाने में दधीचि देहदान समिति की ओर से श्री एन.आर. जैन, श्री जितेंद्र शर्मा, श्री पी.एस. अरोड़ा, श्री कृष्णकांत अग्रवाल, श्रीमती पारुल तायल एवं श्री जी.पी. तायल की सक्रिय उपस्थिति रही। समिति के सभी प्रबुद्ध सहयोगियों ने समाज में अंगदान एवं देहदान के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए अपने विचार व्यक्त किए और उपस्थित श्रोताओं को इस मानवीय महाभियान का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया। साहित्य और समाज सेवा के इस अनूठे संगम की उपस्थित जनसमूह द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की गई।

महाराजा अग्रसेन अस्पताल में दधीचि देहदान समिति का जागरूकता शिविर

दिनांक 7 अप्रैल 2026 मंगलवार को दधीचि देहदान समिति द्वारा नेत्रदान, त्वचादान एवं देहदान के प्रति जन जागरूकता बढाने के उद्देश्य से महाराजा अग्रसेन अस्पताल, पंजाबी बाग, दिल्ली में प्रातः 9:00 बजे से 11:30 बजे तक एक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में आने वाले लोगो को इन महादानो के प्रति प्रेरित करना और समाज मे फैली भ्रांतियो को दूर करना था।

शिविर के दौरान अस्पताल के दो डॉक्टरो, स्टाफ सदस्यो तथा लगभग 10 अन्य आगंतुको ने अंगदान, नेत्रदान, त्वचादान एवं देहदान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारिया प्राप्त की। समिति के सदस्यो ने उपस्थित लोगो को बताया कि मृत्यु के पश्चात भी हमारा शरीर किस प्रकार किसी अन्य को नया जीवन दे सकता है। इस पुनीत प्रयास के सुखद परिणाम स्वरूप तीन व्यक्तियो ने आगे बढकर मौके पर ही सकल्प पत्र भरकर इस मानवीय कार्य मे अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

इस जन जागरूकता अभियान के अंतर्गत आने वाले लोगो को इससे संबंधित जानकारीपूर्ण साहित्य एवं प्रचार सामग्री का भी वितरण किया गया, ताकि यह संदेश अधिक से अधिक परिवारो तक पहुंच सके। इस संपूर्ण कार्यक्रम मे दधीचि देहदान समिति की ओर से श्री कृष्णकांत अग्रवाल एवं श्री एम.एस. ठाकुर ने सक्रिय सहभागिता निभाई तथा जन जागरूकता बढाने मे अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।

Super Citizen Club Celebrates Baisakhi with Organ Donation Awareness Drive

On Sunday, 12 April 2026, from 4:00 PM onwards, the Super Citizen Club organized a vibrant gathering to celebrate the festival of Baisakhi at SFS Flats, Mukherjee Nagar. The beautifully curated programme included Bhajan Yoga, Organ Donor Interaction, Songs, Quiz, Tambola, and celebrations of members’ birthdays and marriage anniversaries, creating a deeply joyful, inclusive, and engaging atmosphere for all attendees.

On this auspicious occasion, Dadhichi Dehdan Samiti was specially invited to conduct an awareness session on Organ Donation and Body Donation to blend social responsibility with festive celebrations. Sh. G.P. Tayal, Convener (North Zone), addressed the gathering and explained in comprehensive detail the profound importance, societal benefits, and legal-medical procedures of organ, eye, and body donation. The audience showed a keen interest in the subject and raised several relevant questions regarding the myths and realities of donation, all of which were answered satisfactorily by the Samiti representatives.

The chief organizer of the programme, Sh. Kohli, highly appreciated the humanitarian mission of Dadhichi Dehdan Samiti and assured that the Super Citizen Club would play an active, long-term role in promoting awareness about organ and body donation across society. Sh. Parduman Jain also participated actively in the event and motivated the senior citizens and youth present to come forward and wholeheartedly support this noble cause. The session was exceptionally well received by the entire gathering, successfully spreading a powerful message about the life-saving impact of organ and body donation.

महाराजा अग्रसेन अस्पताल और दिल्ली स्किल यूनिवर्सिटी मे समिति ने चलाया जागरूकता अभियान

दधीचि देहदान समिति द्वारा समाज मे अंगदान, नेत्रदान, त्वचादान और देहदान के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से लगातार दो बडे अभियान चलाए गए। इसी कडी मे दिनांक 14 अप्रैल 2026, मंगलवार को महाराजा अग्रसेन अस्पताल, पंजाबी बाग, दिल्ली मे प्रातः 9:00 बजे से 11:30 बजे तक एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान अस्पताल मे आने वाले मरीजो, उनके परिजनो एवं अन्य आगंतुको को इन महादानो के महत्व, आवश्यकता तथा उनकी वैधानिक व चिकित्सीय प्रक्रियाओ के संबंध मे विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जन जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने हेतु वहा आए लोगो के बीच जानकारीपूर्ण साहित्य एवं प्रचार सामग्री भी वितरित की गई। इस पूरे कार्यक्रम मे दधीचि देहदान समिति की ओर से श्री प्रद्युम्न जैन एवं श्री एम.एस. ठाकुर ने सक्रिय सहभागिता निभाई तथा लोगो को इस महान मानवीय सेवा से जुडने के लिए प्रेरित किया। उनके विशेष प्रयासो से अस्पताल परिसर मे इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ।

इसी श्रृंखला मे अगले दिन, दिनांक 15 अप्रैल 2026 को दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (डीएसईयू), रोहिणी के सभागार मे यूनिवर्सिटी प्रशासन और दधीचि देहदान समिति के संयुक्त तत्वावधान मे एक अन्य भव्य और प्रेरणादायी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एच.आर. मीणा की अध्यक्षता मे आयोजित इस कार्यक्रम मे लगभग 100 शिक्षको, छात्रो और स्टाफ सदस्यो ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रोफेसर एच.आर. मीणा ने सभी अतिथियो का आत्मीय स्वागत किया और अपने संबोधन मे अंगदान को एक सर्वोच्च मानवीय कार्य बताते हुए छात्रो व फैकल्टी सदस्यो से इस जीवनदायी मिशन के ब्रांड एंबेसडर बनने तथा समाज मे जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

इस छात्र उपयोगी कार्यक्रम के दौरान देहदान पर आधारित एक विचारोत्तेजक लघु फिल्म (शॉर्ट फिल्म) भी दिखाई गई, जिसे उपस्थित दर्शको से अत्यंत भावुक और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इसके साथ ही दधीचि देहदान समिति के उत्तरी क्षेत्र के संयोजक श्री जी.पी. तायल ने आंख, अंग, त्वचा, हड्डी और देहदान विषय पर एक विस्तृत पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) प्रस्तुत किया। उन्होंने बहुत ही सरल ढंग से इस महादान की पूरी प्रक्रिया, सामाजिक लाभ और महत्व को समझाया, जिससे प्रेरित होकर यूनिवर्सिटी के अनेक युवा छात्रो और स्टाफ सदस्यो ने भविष्य मे इस पुनीत कार्य को अपना पूरा समर्थन देने का दृढ संकल्प लिया।

यहाँ आपकी प्राथमिकताओं और निर्देशों (नुक्ता और चंद्रबिंदु का प्रयोग न करना, सब-हेडिंग न देना, श्री/श्रीमती/डॉक्टर के आगे होने पर पीछे 'जी' न लगाना तथा उचित पैराग्राफ व्यवस्था) के अनुसार संपादित पाठ प्रस्तुत है:

श्री अग्रसेन इंटरनेशनल अस्पताल और दधीचि देहदान समिति के बीच अंग व देहदान के लिए बनी साझा रणनीति

दिनांक 18 अप्रैल 2026 को श्री अग्रसेन इंटरनेशनल अस्पताल, सेक्टर-22, रोहिणी की प्रबंधन समिति और दधीचि देहदान समिति के एक प्रतिनिधिमंडल के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक मे दधीचि देहदान समिति के प्रतिनिधिमंडल मे महासचिव डॉक्टर विशाल चड्ढा, उपाध्यक्ष श्री प्रमोद अग्रवाल, श्री विनोद अग्रवाल एवं उत्तरी क्षेत्र के संयोजक श्री जी.पी. तायल शामिल रहे। बैठक के दौरान डॉक्टर विशाल चड्ढा ने अंगदान, नेत्रदान और देहदान के महत्व, सामाजिक लाभ और इसकी संपूर्ण प्रक्रियाओ के बारे मे विस्तार से जानकारी दी। दोनो ही संगठनो ने इस महान मानवीय कार्य को मिलकर आगे बढाने के प्रति अपनी दृढ प्रतिबद्धता व्यक्त की और जन जागरूकता बढाने के लिए विभिन्न रणनीतियो पर विस्तृत चर्चा की।

गहन विचार विमर्श के बाद दोनो संस्थाओ के बीच कई महत्वपूर्ण बिंदुओ पर सर्वसम्मति बनी। इसके तहत अस्पताल परिसर के प्रमुख स्थानो पर अंग और देहदान से संबंधित जागरूकता बैनर और प्रेरक नारे (स्लोगन) प्रदर्शित किए जाएंगे। अस्पताल के ओपीडी और रिसेप्शन क्षेत्र के पास दधीचि देहदान समिति के स्वयंसेवको के लिए एक उचित स्थान उपलब्ध कराया जाएगा, जहा वे आने वाले आगंतुको से संवाद कर उन्हें इस महादान के प्रति प्रेरित कर सकें। साथ ही अस्पताल के पर्चो (प्रिस्क्रिप्शन) पर दधीचि देहदान समिति की टैगलाइन भी प्रिंट की जाएगी। दैनिक समन्वय को सुचारू रूप से चलाने के लिए अस्पताल की ओर से एक समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) नामित किया जाएगा, जिसका विवरण समिति के साथ साझा होगा। दोनो पक्ष मिलकर अस्पताल और समिति के लोगो (Logo) से युक्त जागरूकता साहित्य और प्रचार सामग्री भी तैयार करवाएंगे।

इसके अतिरिक्त अस्पताल के फैकल्टी सदस्यो और स्टाफ के लिए अंग व देहदान पर विशेष सेमिनार और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही उचित और नियमानुसार, अस्पताल मे होने वाली मृत्यु की जानकारी साझा की जाएगी ताकि पीड़ित परिवारो को समय पर अंगदान और देहदान के लिए काउंसिलिंग दी जा सके। अस्पताल समिति के अध्यक्ष ने दधीचि देहदान समिति के इन निस्वार्थ प्रयासो की भूरि भूरि प्रशंसा की और प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इन सभी प्रस्तावो को मंजूरी और कार्यान्वयन के लिए अगली प्रबंधन समिति की बैठक मे रखा जाएगा। यह बैठक सुरुचिपूर्ण जलपान और समाज मे अंग व देहदान की अलख जगाने के साझा सकल्प के साथ एक बेहद सकारात्मक माहौल मे समाप्त हुई।

स्वर्गीय श्रीमती संतोष हंस की श्रद्धांजलि सभा में उनके पति ने दोहराया देहदान का सकल्प

दिनांक 24 अप्रैल 2026 को दधीचि देहदान समिति के कर्मठ स्वयंसेवक श्री संजीव हंस की पूजनीय माताजी, स्वर्गीय श्रीमती संतोष हंस की श्रद्धांजलि सभा का आयोजन धर्मशाला, प्रशांत विहार मे किया गया। इस शोक सभा मे बडी संख्या मे जुटे स्थानीय नागरिको, सगे संबंधियो और प्रबुद्ध जनो ने दिवंगत आत्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।

इस अत्यंत भावुक क्षण के बीच समाज को नई दिशा देने वाला एक प्रेरक प्रसंग भी सामने आया। सभा के दौरान स्वर्गीय श्रीमती संतोष हंस के पति श्री रामचंद्र हंस ने उपस्थित जनसमूह को बताया कि उन्होंने मानवता की सेवा के उद्देश्य से पहले ही अंगदान एवं देहदान का पवित्र सकल्प लिया हुआ है। उन्होंने इस दुख की घडी मे भी अपनी दृढ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए वहा उपस्थित अपने सभी प्रियजनो, पारिवारिक सदस्यो और समाजबंधुओ से भावुक अपील की कि समय आने पर उनके इस महादान के सकल्प को बिना किसी संकोच के अवश्य पूर्ण करवाएं।

इस श्रद्धांजलि सभा में दधीचि देहदान समिति के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। समिति के सहयोगियो ने इस दुखद समय मे हंस परिवार को ढाढस बंधाया और दुख की इस घडी मे भी समाज कल्याण और मानवता के प्रति श्री रामचंद्र हंस के इस अनुकरणीय और महान सकल्प की मुक्त कंठ से सराहना की।

शिव महापुराण कथा में उमडा जनसैलाब, समिति ने लगाया देहदान जागरूकता स्टॉल

दिनांक 22 अप्रैल 2026 को जापानी पार्क, रोहिणी की पुण्यभूमि पर एक दिव्य एवं भव्य शिव महापुराण कथा का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के ओजस्वी श्रीमुख से प्रवाहित अमृतमयी कथा का श्रवण करने के लिए लगभग ढाई लाख श्रद्धालुओ की विराट उपस्थिति रही, जिसने पूरे वातावरण को शिवमय, भक्तिमय और ऊर्जावान बना दिया। भक्ति के इस महासागर के बीच पीड़ित मानवता की सेवा का संदेश प्रसारित करने के उद्देश्य से दधीचि देहदान समिति को अंगदान, नेत्रदान एवं देहदान जैसे महान और जीवनदायी कार्यो के प्रति जन जागरूकता हेतु अपना विशेष स्टॉल लगाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

कथा परिसर मे लगे समिति के इस स्टॉल पर आए हजारो श्रद्धालुओ ने बडी उत्सुकता और उत्साह के साथ महादान से जुडी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की। वहा उपस्थित कार्यकर्ताओं ने लोगो को सूचना पत्रक और ज्ञानवर्धक ब्रोशर वितरित किए, जिसे पढकर लोगो ने इन पुण्य कार्यो के प्रति अपनी गहरी आस्था, संवेदनशीलता एवं संकल्प व्यक्त किया। यह दृश्य एक जागरूक और संवेदनशील समाज की सशक्त झलक पेश कर रहा था। मानवता की सेवा का यह बडा अभियान डॉक्टर राकेश गर्ग एवं श्री राजेश चेतन के विशेष मार्गदर्शन और सहयोग से कुशलतापूर्वक संपन्न हो सका, जिन्होंने इस विशाल धार्मिक मंच पर समिति को यह सेवा का अवसर प्रदान कराया।

इस भव्य धार्मिक समागम मे दधीचि देहदान समिति की ओर से श्रीमती पदमा बत्रा, श्रीमती अंजू कौर, श्रीमती पारुल तायल, श्री प्रद्युम्न जैन एवं श्री जी.पी. तायल की गरिमामयी उपस्थिति रही। समिति के इन सभी कर्मठ सहयोगियो ने कथा मे आए श्रद्धालुओ की शंकाओ का समाधान किया और उन्हें यह समझाया कि भगवान शिव की तरह ही परोपकार की भावना रखते हुए मृत्यु के पश्चात अंगदान और देहदान का संकल्प लेना समाज के लिए सबसे बडी मानव सेवा है। उपस्थित जनसमूह द्वारा भक्ति के साथ सामाजिक सरोकार जोडने के समिति के इस प्रयास की भूरि भूरि प्रशंसा की गई।

वरिष्ठ नागरिक संगठन के वार्षिकोत्सव में समिति का जागरूकता अभियान

दिनांक 26 अप्रैल 2026 को वरिष्ठ नागरिकों के संगठन (रोहिणी शाखा) की ओर से मानव चौक, सेक्टर-15, रोहिणी में वार्षिकोत्सव बडे हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया गया। इस भव्य कार्यक्रम में पंजाब केसरी समाचार पत्र की मुख्य संपादिका श्रीमती किरण चोपड़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस विशेष अवसर पर दधीचि देहदान समिति को भी समाज हित में प्रेरणास्वरूप आमंत्रित किया गया था। समिति की ओर से श्री प्रद्युम्न जैन, श्री अशोक शर्मा एवं श्री रविंदर मोहन गोयल ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के दौरान संगठन के अनेक सदस्यों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनका उपस्थित जनसमूह ने भरपूर आनंद लिया।

अपने ओजस्वी संबोधन में मुख्य अतिथि श्रीमती किरण चोपड़ा ने दधीचि देहदान समिति द्वारा नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के क्षेत्र में किए जा रहे जन जागरूकता कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने इसे समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं मानवता की सेवा का श्रेष्ठ उदाहरण बताया। कार्यक्रम में समिति के प्रतिनिधियों ने उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के महत्व तथा उनकी वैधानिक व चिकित्सीय प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों के बीच समिति का जागरूकता साहित्य भी वितरित किया गया।

वहां उपस्थित सभी सदस्यों ने समिति की इस पवित्र विचारधारा को बडे ध्यान एवं सम्मान के साथ सुना तथा मानव सेवा के इस पुण्य कार्य को आगे बढाने का संकल्प व्यक्त किया। इसी सकारात्मक प्रयास के क्रम में तीन प्रबुद्ध नागरिकों ने आगे बढकर मौके पर ही संकल्प पत्र (Pledge Forms) पूर्ण रूप से भरकर समिति को सौंपे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अतिथियों एवं सदस्यों को भोजन प्रसाद ग्रहण करने हेतु आमंत्रित किया गया। यह संपूर्ण आयोजन समाज में दान, परोपकार एवं निस्वार्थ सेवा की भावना को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी प्रयास सिद्ध हुआ।

श्रद्धांजलि सभा में समिति की ओर से जागरूकता काउंटर

दिनांक 16 अप्रैल 2026 को स्वर्गीय श्री योगेंद्र पाल नांगल के परिवारजनों ने उनकी पावन भावना का आदर करते हुए उनके नेत्रदान की इच्छा व्यक्त की थी, किंतु कुछ अपरिहार्य तकनीकी कारणों से उस समय नेत्रदान संभव नहीं हो सका। उनकी इसी सेवा भावना और पावन स्मृति को नमन करने के लिए दिनांक 26 अप्रैल 2026 को बंसल भवन, बी-2, सेक्टर-16 में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस शोक सभा में दधीचि देहदान समिति के प्रतिनिधि श्री एम.एस. ठाकुर ने दिवंगत आत्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

इस भावुक अवसर पर समाज में महादान की अलख जगाए रखने के उद्देश्य से दधीचि देहदान समिति द्वारा श्रद्धांजलि सभा परिसर में नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के प्रति जन जागरूकता हेतु एक विशेष सूचना काउंटर लगाया गया। वहां उपस्थित कार्यकर्ताओं ने शोक सभा में आए सभी प्रबुद्ध जनों और सगे संबंधियों को जागरूकता साहित्य व ज्ञानवर्धक पत्रक वितरित किए। लोगों को प्रेरित करते हुए बताया गया कि तकनीकी कारणों से नेत्रदान न हो पाने के बावजूद नांगल परिवार द्वारा दिखाई गई जागरूकता और इच्छाशक्ति पूरे समाज के लिए अत्यंत अनुकरणीय और प्रेरणादायी है।

इस पुनीत जन जागरूकता अभियान में दधीचि देंमदान समिति की ओर से श्रीमती सुनीता शर्मा, श्री एम.एस. ठाकुर एवं श्री प्रद्युम्न जैन उपस्थित रहे। समिति के इन सहयोगियों ने वहां उपस्थित नागरिकों को इन महादानों के सामाजिक व मानवीय महत्व की जानकारी दी और समाज में इसके प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने का संदेश दिया। नांगल परिवार के इस सेवाभावी दृष्टिकोण की उपस्थित जनसमूह द्वारा भूरि भूरि सराहना की गई।

रोहिणी के जैन परिवार ने पेश की मानवता की मिसाल; शोक के क्षणों में मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज को किया भ्रूण दान

दिल्ली के रोहिणी इलाके में सेक्टर 11के निवासी श्रीमती साक्षी जैन एवं श्री अभिषेक जैन के परिवार ने अपने असीम व्यक्तिगत दुख के क्षणों में एक अत्यंत साहसिक और ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए मानवता की एक नई मिसाल पेश की है। जैन परिवार द्वारा अपनी नौ माह की मृत नवजात कन्या का भ्रूण दान (Foetus Donation) दिनांक 30 अप्रैल 2026 को रात्रि 9:00 बजे पंजाबी बाग स्थित सी.के. बिड़ला अस्पताल से चिकित्सा शिक्षा और शोध कार्यों के लिए मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज को किया गया। यह अत्यंत संवेदशनशील और प्रेरक दान अगम श्री वाले श्री सुरेश जैन के परिवार से संबंधित है, जिन्होंने इस भारी शोक की घडी में भी समाज कल्याण की भावना को सर्वोपरि रखा।

इस पूरे दान अभियान को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए दधीचि देहदान समिति की टीम सुबह से ही अस्पताल प्रशासन और परिवार के साथ निरंतर समन्वय बनाने में जुटी रही। समिति की ओर से श्री जी.पी. तायल और श्री पी.एस. अरोड़ा दान के समय अस्पताल में मुख्य रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने कानूनी व चिकित्सीय प्रक्रियाओं को समय पर पूरा कराने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि नवजात को खोने के असहनीय दुख के बीच ऐसा महान और दृढ़ संकल्प लेना समाज और चिकित्सा विज्ञान के लिए एक अभूतपूर्व योगदान है।

जैन परिवार का यह निस्वार्थ और करुणामयी कदम न केवल आने वाले समय में डॉक्टरों की शिक्षा और शोध कार्यों में बडी सहायता प्रदान करेगा, बल्कि यह समाज के लिए एक अत्यंत प्रेरणादायक उदाहरण भी सिद्ध होगा। शोक के इन अत्यंत कठिन क्षणों में लिया गया यह मानवीय निर्णय समाज के हित के लिए एक महान उपहार बन गया है, जिसकी पूरी दिल्ली में भूरि भूरि प्रशंसा की जा रही है।

Senior Welfare Trust Celebrates Birthdays with Dadhichi Deh Dan Samiti Organ Awareness Drive

On 29 April 2026, the Single Senior Welfare Trust organized a heartwarming birthday celebration for its members and invited Dadhichi Deh Dan Samiti to conduct a dedicated awareness activity on organ and body donation. An interactive awareness desk was set up at the venue with the active support of Shri G.P. Tayal, Smt. Champa Kakkar, and Shri S.P. Manchanda to address queries from the attendees. During the main program, Trust members whose birthdays fell in the month of April were felicitated with traditional garlands and gifts, which was followed by a joyful cake-cutting ceremony.

Shri G.P. Tayal, Convener (North Zone), addressed the gathering and deeply motivated the audience to support organ and body donation. He explained the profound importance of these noble causes, the medical procedures involved, and the invaluable contribution such selfless decisions make toward saving lives and advancing medical education. His address helped dispel common myths and highlighted how giving can extend even beyond life.

Shri S.P. Manchanda, Founder of the Trust, along with Smt. Champa Kakkar and other team members, extended excellent cooperation and demonstrated a strong commitment to social welfare throughout the event. The awareness initiative received a highly encouraging and positive response from the elderly members, resulting in several pledge forms being duly filled and collected on the spot.

पश्चिमी दिल्ली

सावित्री देवी बंसल की श्रद्धांजलि सभा में जागरूकता स्टॉल

दिनांक 1 मार्च 2026 को कर्मपुरा में देहदानी सावित्री देवी बंसल जी की श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर दधीचि देहदान समिति की तरफ से एक जागरूकता स्टाल (टेबल) लगाया गया। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों को जी. पी. तायल जी ने समिति के कार्यों और देहदान-अंगदान के महत्व की विस्तृत जानकारी दी।

इस दौरान समाज को प्रेरित करने वाले कुछ पत्रक (ब्रोशर) भी वितरित किए गए, जिससे प्रभावित होकर लोगों ने अंगदान-देहदान का संकल्प लेने के लिए समिति से 4 फॉर्म भी प्राप्त किए।इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में समिति के सदस्य श्री जी. पी. तायल जी, कपिल जी और नरेश ढल जी का विशेष सहयोग रहा।

श्रद्धांजलि सभा में अंगदान के प्रति किया गया जागरूक

दिनांक 15 मार्च 2026 को जनकपुरी डी-1 ब्लॉक स्थित आर्य समाज में श्रीमती सत्या सक्सेना जी की श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। परमार्थ की राह पर चलते हुए उनका अनुकरणीय देहदान एम्स अस्पताल में संपन्न हुआ था।

इस पावन अवसर पर दधीचि देहदान समिति की ओर से श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी प्रबुद्ध जनों को श्रीमती सुनीता चड्ढा जी ने नेत्रदान, अंगदान और देहदान के संवेदनशील विषय पर जागरूक किया। इस दौरान समाज में भ्रांतियों को दूर करने वाले कुछ ब्रोशर्स (पत्रक) भी वितरित किए गए, जिससे प्रेरित होकर लोगों ने संकल्प लेने के लिए समिति से 6 फॉर्म प्राप्त किए।

भारतीय योग संस्थान के 60वें वार्षिकोत्सव में गूंजा देहदान का संदेश

"जियो और जीने दो" - भारतीय योग संस्थान (BYS) के इस लोक-कल्याणकारी ध्येय वाक्य को दधीचि देहदान समिति के सेवा कार्यों से जोड़कर एक सार्थक चर्चा करने के लिए समिति को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। दिनांक 11 अप्रैल 2026 को आयोजित नई दिल्ली स्थित भारतीय योग संस्थान के 60वें वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्रीमती गीता आहूजा जी ने योग साधकों के समक्ष दधीचि देहदान समिति के कार्यों के हर महत्वपूर्ण पहलू को अत्यंत विस्तार से रखा।

उन्होंने अपने संबोधन में नेत्रदान, अंगदान, संपूर्ण देहदान, अस्थि दान और त्वचा दान के सामाजिक व चिकित्सीय महत्व पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने वहां उपस्थित जनसमूह की विभिन्न शंकाओं और जिज्ञासाओं का आत्मीयता से समाधान किया। श्रीमती गीता आहूजा ने सभी उपस्थित साधकों को समिति के आगामी 'दधीचि उत्सव' के लिए भी भावपूर्ण निमंत्रण दिया।

इस पुनीत विचार से प्रेरित होकर कई योग साधकों ने स्वेच्छा से देहदान-अंगदान के संकल्प फॉर्म लिए और दधीचि उत्सव में शामिल होने की इच्छा भी जताई। इस गरिमामयी और प्रेरणादायक कार्यक्रम में समिति की ओर से श्रीमती कुसुम जग्गा की गरिमामयी उपस्थिति भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।

डायलिसिस की पीड़ा को अंगदान की जरूरत से जोड़ा

दिनांक 12 अप्रैल 2026, रविवार को अशोक नगर स्थित कात्याल एस. डी. सेवा भारती डायलिसिस सेंटर के 7वें वार्षिक उत्सव का गरिमामयी आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर संस्था की ओर से दधीचि देहदान समिति को अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष काउंटर (स्टाल) लगाने के लिए आमंत्रित किया गया था। इस पुनीत अभियान में समिति की ओर से श्रीमती पूनम मल्होत्रा और श्री सुरेश चौधरी ने उपस्थित रहकर अपनी सक्रिय सेवाएं दीं।

कार्यक्रम के दौरान समिति की वरिष्ठ प्रतिनिधि श्रीमती पूनम मल्होत्रा को मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया गया। उन्होंने अपने अत्यंत प्रभावशाली और भावुक संबोधन में आयोजन के मुख्य विषय 'डायलिसिस' को मानवता के लिए अंगदान की महती आवश्यकता से बेहद खूबसूरती के साथ जोड़ा। उन्होंने श्रोताओं को समझाया कि अंग विफलता से जूझ रहे मरीजों की पीड़ा को दूर करने में अंगदान किस प्रकार एक नया जीवन दे सकता है। इसके साथ ही उन्होंने मृत्यु के पश्चात अंगदान और देहदान की प्रक्रिया तथा इस दिशा में जागरूकता फैलाने व इसके क्रियान्वयन में जुटी दधीचि देहदान समिति के कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इस प्रेरणादायी संबोधन से प्रभावित होकर काउंटर पर आए कई आगंतुकों ने अंगदान-देहदान के विषय में आवश्यक जानकारियां लीं। इस दौरान समाज में जागरूकता के विस्तार के लिए सूचनात्मक पत्रक बांटे गए और प्रबुद्ध जनों ने इस महान कार्य से जुड़ने के लिए स्वेच्छा से संकल्प फॉर्म प्राप्त किए।

आर्य समाज के वार्षिकोत्सव में लगा देहदान जागरूकता स्टॉल

दिनांक 25 अप्रैल 2026 को जनकपुरी स्थित आर्य समाज के वार्षिक उत्सव के पावन अवसर पर दधीचि देहदान समिति की ओर से एक विशेष जागरूकता स्टॉल लगाया गया। इस भव्य वार्षिकोत्सव में लगभग 200 श्रद्धालुओं व प्रबुद्ध जनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। पूरा कार्यक्रम अत्यंत सुव्यवस्थित रहा, जहाँ उपस्थित सभी लोगों ने सुंदर भजन-कीर्तन का भरपूर आनंद लिया।

उत्सव के दौरान समिति की वरिष्ठ प्रतिनिधि श्रीमती सुनीता चड्ढा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए नेत्रदान, अंगदान और संपूर्ण देहदान के सामाजिक व चिकित्सीय महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार मृत्यु के पश्चात भी हमारा शरीर किसी को नया जीवन दे सकता है। इस पूरे जागरूकता अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने में श्री प्रेम कुमार चड्ढा जी का सराहनीय सहयोग रहा।

समिति के इस पुनीत प्रयास से प्रेरित होकर वार्षिकोत्सव में आए अनेक लोगों ने काउंटर पर आकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस अवसर पर समाज में जागरूकता के विस्तार के लिए सूचनात्मक पत्रक (ब्रोशर्स) वितरित किए गए और प्रबुद्ध जनों ने इस महान मानवीय कार्य से जुड़ने के लिए स्वेच्छा से संकल्प फॉर्म लिए।

जनकपुरी आर्य समाज में वार्षिक उत्सव पर दधीचि देह दान समिति की ओर से टेबल लगाया

दिनांक 25/4/2026 को D1/A जनकपुरी आर्य समाज में वार्षिक उत्सव पर दधीचि देह दान समिति की ओर से टेबल लगाया । उत्सव में लगभग 200 व्यक्तियों की संख्या रही। कार्यक्रम बहुत अच्छा रहा और भजन कीर्तन में सभी ने आनंद लिया। श्रीमती सुनीता चड्ढा ने देहदान वअंगदान का महत्व बताया। इस कार्यक्रम मे श्री प्रेम कुमार चड्ढा जी का सहयोग रहा।

चार फॉर्म भरने के लिए दिए गए और कुछ ब्रोशर्स भी बांटे गए।

बुलंदशहर

बुलंदशहर में युवाओं ने जाना देहदान का महत्व

बुलंदशहर के डीपीवी महाविद्यालय में महाविद्यालय की 70वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य दिनांक 9 मार्च 2026 को में अंगदान एवं देहदान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय और दधीचि देहदान समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। मुख्य अतिथि विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष एवं दधीचि देहदान समिति के संरक्षक डा. आलोक कुमार रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डा. आलोक कुमार, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रजनीव सिरोही तथा अन्य अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।

डा. आलोक कुमार ने कहा कि समाज में आज भी अंगदान और देहदान को लेकर अनेक भ्रांतियां हैं। शिक्षित युवाओं को आगे आकर समाज को जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव जीवन का अंतिम अध्याय भी मानवता की सेवा के लिए समर्पित हो सकता है। देहदान मानवता के प्रति सर्वोच्च सेवा और समर्पण का प्रतीक है तथा भारतीय संस्कृति में त्याग और परोपकार की परंपरा का श्रेष्ठ उदाहरण भी है।

उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद मानव शरीर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकता है। यदि समाज में देहदान की भावना का विस्तार होगा तो भावी चिकित्सकों को अध्ययन और शोध में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।

दधीचि देहदान समिति की सदस्य डा. सुधा यादव ने कहा कि देहदान का संकल्प जीवन के उच्चतम मानवीय आदर्शों की अभिव्यक्ति है। जब कोई व्यक्ति समाजहित में अपने शरीर को समर्पित करने का निर्णय लेता है, तो वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करता है।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रजनीव सिरोही ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना भी है। देहदान सेवा, करुणा और परोपकार की भावना को सुदृढ़ करता है।

कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं को अंगदान एवं देहदान के प्रति जागरूक रहने तथा समाज में इसके प्रति सकारात्मक संदेश फैलाने का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी, विद्यार्थी तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

फरीदाबाद

श्रीमद्भागवत कथा में लगा देहदान जागरूकता शिविर

कम्युनिटी सेंटर, सेक्टर 28 फरीदाबाद में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान दिनांक 10 मार्च 2026 को दधीचि देहदान समिति की ओर से एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर दोपहर 2:30 बजे से शाम 6:15 बजे तक लगाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य कथा में आए श्रद्धालुओं को अंगदान और देहदान जैसे पुनीत कार्य के प्रति जागरूक करना था। इस शिविर में समिति की ओर से श्रीमती सुनीता बंसल, श्री संजीव गुप्ता और श्री सत्यवीर दहिया ने उपस्थित रहकर अपनी सराहनीय सेवाएं दीं और लोगों को इस विषय में विस्तार से जानकारी दी। समिति के इस प्रयास से प्रेरित होकर दो श्रद्धालुओं ने देहदान का संकल्प लेने के लिए फॉर्म भी प्राप्त किए।

कथा का वाचन कर रहे परम पूज्य संत प्रहलाद जी महाराज ने भी मंच से इस मानवीय मुहिम की सराहना की। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुजनों को पौराणिक काल में समाज कल्याण के लिए ऋषि दधीचि द्वारा किए गए महान देहदान के प्रसंग के बारे में बताया। इसके साथ ही उन्होंने कथा प्रेमियों का आह्वान करते हुए उन्हें मृत्यु के पश्चात अंगदान और देहदान करने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया, ताकि चिकित्सा जगत और पीड़ित मानवता की सेवा की जा सके।

रक्तदान शिविर में लगा देहदान जागरूकता काउंटर

फरीदाबाद एनआईटी-1 स्थित मंगलम गार्डन में दिनांक 29 मार्च 2026 को डॉक्टर हेमंत अत्री द्वारा एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस पुनीत अवसर पर समाज को अंगदान और देहदान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दधीचि देहदान समिति की ओर से एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया, जो प्रातः 9:00 बजे से सायंकाल 4:30 बजे तक चला। इस जागरूकता शिविर में अपनी निस्वार्थ सेवाएं देने के लिए समिति के उपाध्यक्ष श्री राजीव गोयल, श्री नरेंद्र बंसल, श्री अजीत अग्रवाल, श्री संजीव गुप्ता और श्री सत्यवीर दहिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।

शिविर के दौरान फरीदाबाद की अनेक सामाजिक संस्थाओं के प्रमुख पदाधिकारी और गणमान्य जन वहां पहुंचे और समिति के इस प्रयास की सराहना की। दिनभर चले इस अभियान में बड़ी संख्या में रक्तदाताओं और आगंतुकों ने समिति के काउंटर पर आकर देहदान और अंगदान से जुड़े अपने सवाल-जवाब किए, जिनका श्री नरेंद्र बंसल जी ने बेहद धैर्य और विस्तार के साथ संतोषजनक निवारण किया। इस मुहिम से प्रेरित होकर 12 प्रबुद्ध जन देहदान का संकल्प पत्र (फॉर्म) अपने साथ लेकर गए, जबकि समाज में जागरूकता के विस्तार के लिए अनेक लोगों को सूचनात्मक पत्रक (ब्रोशर) भी वितरित किए गए।

गाजियाबाद

गुरुग्राम

Awareness Session on Organ and Body Donation at Government College

On 1st March 2026, the Dadhichi Deh Dan Samiti organized an awareness session on organ and body donation at Government College Sidhrawali during the closing ceremony of the Seven Days NSS Special Camp. The programme aimed to sensitize young volunteers towards the noble cause of organ and whole-body donation and to inspire them to contribute towards saving lives through this humanitarian initiative. The session was addressed by Sh. Parveen Singh, who elaborated on the significance of organ donation in bridging the gap between the demand and supply of life-saving organs in India. He emphasized that body donation plays a crucial role in advancing medical education and research, thereby serving society even after death. Around 100 students from both girls’ and boys’ units of NSS volunteers actively participated in the session and listened attentively to the informative address. Sh. Kapil Oberoi Ji, a senior and active member of the Samiti, also motivated the students by sharing his personal experience. He highlighted that both his parents had donated their bodies for medical spurposes, setting an inspiring example of selfless service and social responsibility. His words deeply moved the audience and encouraged students to consider pledging for this noble cause. The programme concluded with a vote of thanks extended to Sh. Ranjan Yadav, NSS Programme Officer, and the college administration for their cooperation and support in organizing the session successfully.

Organ and Body Donation Awareness Drive in Gurugram

The Gurugram Unit of Dadhichi Deh Dan Samiti (DDS) conducted an awareness activity on organ and whole-body donation on 8th March 2026 at Laxman Vihar (Ward No. 33), near the railway station.

The program was organized upon the invitation of the Reignite India Foundation during their Free Health Check-up Camp, which was held from 10:00 AM to 2:00 PM in collaboration with Artemis Hospital, Gurugram.

Around 100 patients visited the health camp. Capitalizing on the gathering, the DDS Gurugram team set up information standees and directly addressed the visitors, highlighting the profound impact of organ donation in saving lives. The Samiti was represented by Dr. Harish and Sh. Parveen Singh, who cleared doubts and encouraged attendees to pledge for this noble cause.

Organ and Body Donation Awareness Drive at Gurugram Police Lines

The Gurugram Unit of Dadhichi Deh Dan Samiti (DDS) organized a major awareness program on organ and whole-body donation on 16th March 2026 at the Police Lines, Gurugram. The session was strategically held during the routine morning parade to maximize reach among police personnel.

Conducted by senior DDS members Sh. Parveen Singh and Sh. Sushil Saini, the session addressed a gathering of around 300 police personnel. The speakers elaborated on how organ and body donation plays a transformative role in saving lives and advancing medical education and research.

The program was successfully executed under the patronship and coordination of Sh. Vikash Arora, IPS (Commissioner of Police, Gurugram), Dr. Arpit Jain, IPS (DCP, Gurugram), and Sh. Pardeep Kumar (Liaison Officer, Gurugram Police). Their active cooperation and encouragement were instrumental in making the session highly impactful.

Expressing deep gratitude to the Gurugram Police administration for this invaluable opportunity, the Samiti announced that a dedicated follow-up awareness drive has been scheduled for 23rd March 2026, specifically focusing on traffic police personnel. The event concluded with an overwhelmingly positive response from the participants, reflecting a strong commitment to this noble humanitarian cause.

Samiti Convenes Core Meeting for Awareness Planning at Malibu Town

On 5th April 2026, the Dadhichi Deh Dan Samiti team was invited to Malibu Town by Dr. R.K. Bhargava, a respected senior citizen, guide, and an active member of the Samiti.

The meeting, held at Dr. Bhargava’s residence (Tower 1), was attended by 11 key members of the organization. The core agenda of the gathering was to brainstorm and outline future strategies for body and organ donation awareness campaigns within the residential society and surrounding areas. The interactive discussion concluded with a strong roadmap for upcoming institutional drives.