दधीचि देहदान समिति, देहरादून का पंचम स्थापना दिवस आयोजित
नेत्रदान, अंगदान और देहदान के क्षेत्र में कार्यरत दधीचि देहदान समिति की देहरादून इकाई ने 1 मार्च 2026 को अपने चार वर्ष पूर्ण कर पंचम स्थापना दिवस मनाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी ने नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान करने वाले महानुभावों के परिजनों को सम्मानित किया।
श्री कोश्यारी ने उनके इस महान निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्य मानवता के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है तथा समर्पण की भावना को सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक दान नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का संकल्प है। ऐसे पुण्य कार्य समाज में संवेदनशीलता और परोपकार की भावना को मजबूत करते हैं।
मुख्य वक्ता श्री अशोक बेरी ने कहा कि नेत्रदान, अंगदान और देहदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ रही है। अधिक से अधिक लोग आगे आएं तथा मानवता की सेवा में अपना योगदान दे सकें, इसके लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए।
श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत 108 श्री कृष्ण गिरी महाराज ने समिति के कार्यों की प्रशंसा की तथा इसे समाज में जागरूकता उत्पन्न करने में अहम योगदान देने वाली संस्था बताया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि दधीचि देहदान समिति के प्रयास सराहनीय हैं। यह दानदाता और मेडिकल कॉलेज के बीच सेतु का कार्य कर रही है। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा वार्षिक पत्रिका का विमोचन भी किया गया।
इस अवसर पर डॉ. महेंद्र पंत, डॉ. राजेश मौर्य, वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. महेश कुडियाल, डॉ. पंकज अरोड़ा, डॉ. प्रतिशरंजन, नोडल ऑफिसर डॉ. अतुल कुमार सिंह, श्री प्रेम बडाकोटी, क्षेत्र समरसता प्रमुख श्री लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल, श्री चंद्रमोहन गौड, श्री सुधीर कुमार, आचार्य पवन शर्मा एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक श्री धनंजय, श्री नीरज मित्तल, श्री सुरेंद्र मित्तल, श्री घनश्याम सिंघल, समिति के कोषाध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार अरोड़ा, डॉ. अतुल गुप्ता, डॉ. कृष्णगोपाल, श्री गोपाल गर्ग, एडवोकेट श्रीमती लक्ष्मी बहुगुणा, श्री संदीप गुप्ता एवं बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन श्री संजय गर्ग ने किया तथा सेवा भारती के स्वयंसेवक व्यवस्था का दायित्व निभा रहे थे।

