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परिवार के सदस्यों की ओर से दानियों के लिए श्रद्धा शब्द

देहदान से दी मानवता को नई रोशनी

श्री जगदीश चंद्र मखीजा

फरीदाबाद निवासी श्री जगदीश चंद्र मखीजा का 75 वर्ष की आयु में 1 जून 2025 को निधन हो गया। उनके निधन के बाद परिवार की परोपकारी सोच के चलते दधीचि देहदान समिति के माध्यम से उनकी आंखों का दान ईएसआई फरीदाबाद तथा त्वचा का दान एम्स में कराया गया।

स्वर्गीय जगदीश चंद्र का जन्म एक जमींदार परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने पूरा जीवन संघर्ष में बिताया। इसके बावजूद उनके परिवार ने मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि रखा। अमृतवेला ट्रस्ट से जुड़ने के बाद परिवार ने यह समझा कि मृत्यु के बाद शरीर अंतत मिट्टी में ही मिल जाता है, इसलिए उसके अंगों का दान कर किसी और के जीवन में प्रकाश लाया जा सकता है।

आर्थिक स्थिति अधिक सुदृढ़ न होने के कारण वे जीवन में अधिक दान पुण्य नहीं कर सके, लेकिन इस अमूल्य दान के लिए किसी धनराशि की आवश्यकता नहीं होती। यही इसे सबसे श्रेष्ठ दान बनाता है। परिवार ने इस भावना को आत्मसात करते हुए उनके अंगों का दान कर उनकी जीवन यात्रा को सार्थक बना दिया।

परिवार की इस प्रेरणादायी सोच को साधुवाद। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दे।

संपर्क सूत्र: बड़ी पुत्री शिखा मदान

देहदान से लोगों को मिली नई राह

श्री अरविंद कृष्ण लाल शर्मा

गुरुग्राम निवासी श्री अरविंद कृष्ण लाल शर्मा का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे अनेक सामाजिक और विशेषज्ञ समूहों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे और समाज सेवा में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।

उनके पुत्र अर्पण शर्मा और समिति के सहयोग से 1 जून 2025 को अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में उनके पार्थिव शरीर का देहदान किया गया। इस निर्णय से चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी और यह कार्य समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। परिवार के इस सराहनीय कदम को अभिवादन। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दे।

संपर्क सूत्र: पुत्र अर्पण शर्मा, 9871877373

निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा

श्री हरिचंद बत्रा

दिल्ली के नांगलोई निवासी श्री हरिचंद बत्रा का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पेशे से एक दक्ष इंजीनियर थे और देश विदेश की कई प्रतिष्ठित कंपनियों में कार्य करते हुए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। अपने व्यावसायिक जीवन के साथ साथ वे समाज सेवा और आध्यात्मिक जीवन को भी समान महत्व देते रहे।

इसी भावना के तहत उन्होंने कई वर्ष पूर्व ही समिति के माध्यम से देहदान का संकल्प ले लिया था। यह निर्णय उन्होंने पूरी जागरूकता और निस्वार्थ भाव से समाज के हित में लिया। 2 जून 2025 को उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए परिवार ने नेत्रदान और देहदान का निर्णय लिया। उनके नेत्रों का दान गुरु नानक आई सेंटर में तथा पार्थिव शरीर को एम्स में चिकित्सा शिक्षा और शोध के लिए समर्पित किया गया, जिससे उनके पवित्र संकल्प को पूर्णता मिली।

उनका यह निर्णय इस बात का उदाहरण है कि व्यक्ति मृत्यु के बाद भी समाज के लिए उपयोगी बन सकता है। देहदान जैसे कार्य न केवल चिकित्सा शिक्षा और शोध में सहायक होते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को संवेदनशील और सामाजिक रूप से जागरूक बनने की प्रेरणा भी देते हैं।

दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना।

संपर्क सूत्र: नायक भारती

समिति के कार्यक्रम बने प्रेरणास्त्रोत

श्री राम गोपाल मंगला

फरीदाबाद निवासी श्री राम गोपाल मंगला का 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। 2 जून 2025 को दधीचि देहदान समिति के माध्यम से परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनके नेत्रों का दान कराया।

उनके पौत्र मुकुल मंगला ने बताया कि दादाजी ने समिति के कुछ कार्यक्रमों में भाग लिया था, जिससे वे इस विचार से गहराई से प्रभावित हुए। इसके बाद सदस्य श्री ललित जटवानी से संवाद कर उन्होंने अपना संकल्प पत्र भरा। समय आने पर परिवार ने उनकी इच्छा का पूरा सम्मान करते हुए नेत्रदान कराया।

यह प्रेरक पहल समाज में जागरूकता का संदेश देती है और दूसरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करती है। परिवार को नमन। दिवंगत आत्मा के प्रति सादर श्रद्धा सुमन। संपर्क सूत्र: पौत्र मुकुल मंगला, 9643346319

आंखें हैं तो प्रकाश है

श्रीमती यशोदा वाधवा

श्रीमती यशोदा वाधवा का 6 जून 2025 को देहावसान हो गया। वे सावित्री नगर, शेख सराय, दिल्ली की निवासी थीं। दधीचि देहदान समिति के माध्यम से उनके नेत्रों का दान आरपीआई इंस्टीट्यूट में तथा त्वचा का दान सफदरजंग अस्पताल में किया गया।

उनके पुत्र सुशील वाधवा ने मां के प्रति अपनी भावनाओं को "मां का मृत्यु से मिलन" शीर्षक कविता में व्यक्त किया। साथ ही दधीचि देहदान समिति के ई पत्रिका के लिए एक अत्यंत प्रेरणादायक कविता भी भेजी, जिसमें अंगदान के महत्व को सरल और मार्मिक शब्दों में व्यक्त किया गया है। कविता में कहा गया है कि आंखें हैं तो प्रकाश है, दिल है तो विश्वास है, गुर्दा है तो शरीर स्वच्छ है, त्वचा है तो आभास है। यदि इनमें से कुछ न हो तो जीवन असहाय हो जाता है। पांच भूतों का समर्पण अद्भुत है, इसमें देने वाले का कुछ नहीं जाता, लेकिन पाने वाले को नई उमंग, नई तरंग और नया जीवन मिलता है।

कविता आगे प्रेरित करती है कि एक व्यक्ति किसी के जीवन को पूर्ण बना सकता है, किसी के सपनों को साकार कर सकता है। जो कार्य जीवन में संभव न हो पाए, वह मृत्यु के बाद भी संभव है। यदि मृत्यु से ऊपर उठना है और अपने अंगों को जीवित रखना है, तो आज ही संकल्प लेना चाहिए। मानवता के इस पुनीत कार्य में सहभागी बनने के लिए परिवार को साधुवाद। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से विनम्र प्रार्थना । संपर्क सूत्र: पुत्र सुशील वाधवा, 9810094084

सेवा में ही पूजा का विस्तार

श्रीमती ओमवती देवी

गाजियाबाद के सेक्टर 12 वसुंधरा निवासी श्रीमती ओमवती देवी का 92 वर्ष की आयु में देहावसान हो गया। 10 जून 2025 को अंतिम सांस के साथ पांच तत्वों में विलीन होने पर उनके पुत्रों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए नेत्रदान के लिए दधीचि देहदान समिति से संपर्क किया। समिति के माध्यम से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली द्वारा नेत्रदान संपन्न हुआ। परिवार के लिए यह विशेष प्रसन्नता का विषय रहा कि विश्व नेत्रदान दिवस पर यह पुनीत कार्य संभव हो सका।

पुत्र अतुल गुप्ता ने अपनी मां की स्मृति में भावपूर्ण शब्दों में उन्हें याद करते हुए लिखा कि मां आज भी उनकी स्मृतियों में उज्ज्वल हैं। उनका स्नेह, धार्मिकता और मानवीयता जीवन भर प्रेरणा देता रहेगा। उनका व्यक्तित्व उदारता, निस्वार्थ भाव, सादगी, शांति और करुणा का अद्भुत संगम था। वे सदैव दूसरों के दुख को समझकर सहायता के लिए तत्पर रहती थीं और अंगदान के प्रति उनका दृष्टिकोण अत्यंत सकारात्मक था।

अपने जीवन के अंतिम समय में भी उन्होंने अंगदान का निर्णय लेकर समाज के लिए आशा का दीप जलाया। उनके निधन के बाद नेत्रदान का यह कार्य न केवल उनके आदर्शों का प्रमाण बना, बल्कि उन लोगों के जीवन में भी रोशनी लेकर आया, जिनके लिए अंधकार ही नियति बन चुका था।

परिवार का मानना है कि मां ने अपने जीवन से यह सिखाया कि दान केवल एक क्रिया नहीं, बल्कि जीवन के प्रति एक उच्च दृष्टिकोण है। सच्ची धार्मिकता केवल पूजा पाठ में नहीं, बल्कि मानवता की सेवा, करुणा और सहयोग में निहित होती है। उनके इस निर्णय ने पूरे परिवार को गौरव और प्रेरणा से भर दिया है।

समिति परिवार द्वारा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए विनम्र प्रार्थना। परिवार को साधुवाद।

संपर्क सूत्र: पुत्र अतुल गुप्ता, 9958102999

अंगदान की प्रेरक मिसाल, अंधेरे में जगाई रोशनी

श्रीमती मीरा मोहन

दिल्ली के मोती नगर निवासी श्रीमती मीरा मोहन का 80 वर्ष की आयु में 14 जून 2025 को देहावसान हो गया। दधीचि समिति के माध्यम से उनके नेत्रों का दान एम्स में तथा त्वचा का दान सफदरजंग अस्पताल में किया गया। मानवता के लिए किया गया यह पुनीत कार्य समाज के लिए अनुकरणीय उदाहरण है। हम दिवंगत आत्मा की शांति के लिए विनम्र प्रार्थना करते हैं।

संपर्क सूत्र: सतीश कुमार, 9811197007

मानवता में विश्वास के साथ देहदान

श्रीमती रुक्मणी

दिल्ली के चांदनी चौक निवासी श्रीमती रुक्मणी का 82 वर्ष की आयु में 14 जून 2025 को देहावसान हो गया। परिवार की सहमति और आग्रह पर दधीचि समिति के माध्यम से उनके नेत्रों का दान गुरु नानक हॉस्पिटल में तथा पार्थिव शरीर को अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज, फरीदाबाद में चिकित्सा शिक्षा के लिए समर्पित किया गया।

परिवार के सदस्य आतिश जी ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें चिकित्सकों और चिकित्सा विभाग के प्रति पूर्ण विश्वास है। उनका मानना है कि यह अमूल्य देहदान पूरी गरिमा और जिम्मेदारी के साथ संभाला जाएगा। उन्होंने समाज के अन्य लोगों से भी अपील की कि वे इस महान कार्य से जुड़ें और इसकी प्रक्रिया तथा भावनात्मक पक्ष को समझकर आगे आएं, ताकि यह सेवा अपने वास्तविक अर्थों में सफल हो सके। परिवार को साधुवाद। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें।

संपर्क सूत्र: पुत्र राकेश जैन, 9999736571

अंधत्व दूर करने में जुड़ी एक और कड़ी

श्रीमती प्रेम रानी

दिल्ली के पश्चिम विहार की निवासी श्रीमती प्रेम रानी का 18 जून 2025 को परलोक गमन हो गया। उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए दधीचि देहदान समिति के माध्यम से उनके नेत्रों का दान एम्स में कराया गया। राधा माधव गौ सेवा समिति के सदस्य नवीन ने अपनी सास की इच्छा को पूर्ण कर इस पुनीत कार्य को साकार किया।

इस प्रेरणादायक पहल से कई लोगों के जीवन में रोशनी आएगी। मानवता के इस कार्य से वे सदैव स्मरणीय रहेंगी। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें।

संपर्क सूत्र: नवीन, 9810236578

समाज हुआ प्रहलाद का ऋणी

प्रहलाद कुमार गुलाटी

हरियाणा के गुरुग्राम निवासी स्वर्गीय प्रहलाद कुमार गुलाटी का 77 वर्ष की आयु में 18 जून 2025 को परलोक गमन हो गया। उनके पार्थिव शरीर को संस्था के माध्यम से यू सी एम एस और जी टी बी हॉस्पिटल में चिकित्सा शिक्षा और अध्ययन के लिए दान किया गया।

उनके इस अमूल्य योगदान के लिए समाज सदैव उनका ऋणी रहेगा। परिवार के इस सराहनीय निर्णय को साधुवाद। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें।

संपर्क सूत्र: पत्नी नीलम गुलाटी, 9810000944

मानवता के हितार्थ देहदान

श्रीमती पुष्पा सक्सेना

दिल्ली के पटपड़गंज निवासी श्रीमती पुष्पा सक्सेना का 89 वर्ष की आयु में 20 जून 2025 को देहावसान हो गया। परिवार की सहमति से उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए दधीचि देहदान समिति के माध्यम से गुरु नानक आई हॉस्पिटल में नेत्रदान तथा पार्थिव शरीर को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चिकित्सा शिक्षा के लिए दान किया गया।

परिवार की ओर से शोभा सक्सेना ने अपने भाव व्यक्त करते हुए बताया कि डाक्टर पुष्पा सक्सेना एक स्नेहिल और समर्पित व्यक्तित्व थीं। वे जीवन भर परिवार और समाज के लिए जीती रहीं। उनका परिवार केवल सीमित दायरे तक नहीं, बल्कि व्यापक मानवीय संबंधों तक फैला हुआ था। एक सफल डाक्टर होने के साथ साथ वे मानवता के मूल्यों को अपने जीवन में जीती रहीं। अंत समय में भी उन्होंने देहदान कर समाज को दान का वास्तविक अर्थ समझाया।

परिवार ने समिति के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और संस्था के कार्य को नमन किया।

संपर्क सूत्र: शोभा सक्सेना, 9560590526

समाज में नई आशा की किरण

श्रीमती चंदन मोहिनी

दिल्ली के राजौरी गार्डन निवासी श्रीमती चंदन मोहिनी आहूजा का 83 वर्ष की आयु में परलोक गमन हो गया। 22 जून 2025 को परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए दधीचि समिति के माध्यम से नेत्रदान गुरु नानक हॉस्पिटल में, त्वचा दान सफदरजंग अस्पताल में तथा देहदान एस एन मेडिकल कॉलेज, आगरा में किया।

परिवार की सदस्य सुमेधा नागपाल ने बताया कि यह दान चिकित्सा शिक्षा और रोगियों के उपचार में सहायक होगा। नेत्र किसी के जीवन में प्रकाश लाएंगे, त्वचा किसी जले हुए व्यक्ति को संक्रमण से बचाएगी और देह मेडिकल छात्रों के अध्ययन में सहायक बनेगी। इस प्रकार वे अनेक जीवनों में नई आशा का संचार कर गईं।

परिवार को साधुवाद। संपर्क सूत्र: मनीषा गुलाटी, 965037662

शिक्षा को समर्पित एक और उदाहरण

श्री मेमन चंद गुप्ता

हरियाणा के भिवानी निवासी श्री मेमन चंद गुप्ता का 84 वर्ष की आयु में परलोक गमन हुआ। 26 जून 2025 को उनके परिवार ने दधीचि समिति के माध्यम से एम्स में देहदान कर समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

परिवार के इस सराहनीय निर्णय को साधुवाद। दिवंगत आत्मा की शांति के लिए विनम्र प्रार्थना।

समाज के लिए एक प्रेरक उदाहरण

श्री राजीव केरकर

दिल्ली के अलकनंदा स्थित शिवालिक अपार्टमेंट के निवासी श्री राजीव केरकर का 68 वर्ष की आयु में 26 जून 2025 को निधन हो गया। परिवार द्वारा दधीचि समिति के माध्यम से उनके नेत्र गुरु नानक आई सेंटर को समर्पित किए गए तथा पार्थिव शरीर को एम्स में चिकित्सा शिक्षा के लिए दान किया गया।

उनका यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणादायक है और निश्चय ही दिवंगत आत्मा ने ईश चरणों में स्थान प्राप्त किया है। समिति परिवार की ओर से सविनय श्रद्धांजलि।

संपर्क सूत्र: पुत्री निधि केरकर, 9717798550